Tuesday, August 20, 2019

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नीरज शेखर राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए गए हैं.
86 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री सिंह पहली बार राजस्थान से राज्यसभा में पहुंचे हैं.
राजस्थान के 10 राज्यसभा सीटों में से नौ बीजेपी के पास है. लेकिन 200 सदस्यीय विधानसभा में अभी बहुमत कांग्रेस के पास है और बीजेपी के पास केवल 72 सीटें हैं, लिहाजा पार्टी ने इस उपचुनाव में अपने प्रत्याशी नहीं उतारे.
उधर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भी उत्तर प्रदेश से बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा पहुंच गए हैं.
यह उपचुनाव ख़ुद नीरज शेखर के इस्तीफ़े से खाली हुई राज्यसभा की सीट के लिए कराया गया था.
नीरज शेखर इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद थे लेकिन वे इससे इस्तीफ़ा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे.
सोमवार को दिल्ली में यमुना नदी में जलस्तर ख़तरे के निशान के ऊपर पहुंच गया.
यमुना में ख़तरे का निशान 205.33 मीटर है जबकि जल स्तर, 205.34 मीटर तक पहुंच गया.
इससे पहले रविवार को हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से आठ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था.
इसके बाद दिल्ली सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की थी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा था. साथ ही लोहे के पुल पर यातायात को भी बंद कर दिया गया.
अमरीका ने बताया है कि उसने हाल ही में एक नई मध्यम दूरी की क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया है.
रूस के साथ की गई आईएनएफ़ संधि से बाहर आने के बाद अमरीका का यह पहला ऐसा कदम है.
आईएनएफ़ संधि पर दोनों देशों ने तीन दशक पहले हस्ताक्षर किया था ताकि यूरोप को परमाणु हथियार मुक्त किया जा सके.
यह संधि परमाणु हथियार ले जा सकने वाले इस तरह के हथियारों के परीक्षण और उत्पादन पर रोक लगाती थी.
विश्लेषकों का कहना है कि इससे अमरीका और रूस के बीच हथियारों की नई होड़ शुरू हो जाएगी.
भारतीय अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान 2 पृथ्वी की कक्षा से निकलने के बाद मंगलवार की सुबह सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया.
तीन लाख 84 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करके चांद की कक्षा में पहुंचा है. ये चंद्रयान 2 के लिए काफ़ी जटिल ऑपरेशन था.
लैंड करने से पहले चंद्रयान 2 के लूनर कैप्चर मिशन में सफलता हासिल करना काफ़ी अहम था क्योंकि ज़रा सी चूक एक बड़ा ख़तरा पैदा कर सकता था.
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस जटिल ऑपरेशन के बाद अंतरिक्ष यान को चंद्रमा के ध्रुवों के ऊपर अंतिम कक्षा में प्रवेश कराया जाएगा, जहां चंद्रमा की सतह से इसकी दूरी 100 किलोमीटर होगी.
अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करके इसरो ने बताया है कि चंद्रयान 2 आने वाले 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा.
विज्ञान से जुड़े मामलों के जानकार पत्रकार पल्लव बागला ने बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी कहा कि 'अगर चंद्रयान की रफ़्तार कम होती तो चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति यान को पूरी ताक़त से अपनी ओर खींचता और ऐसी स्थिति में चंद्रयान 2 चंद्रमा की सतह से टकराकर चकनाचूर हो सकता था.'
लूनर कैप्चर मिशन में सफलता के बाद अब चंद्रयान 2 को चांद की सतह पर उतारना एक बड़ी चुनौती होगी.
बागला का कहना है कि अगर ये मिशन सफल हो जाता है तो इसके बाद चंद्रयान 2 को चांद की और कई कक्षाओं में ले जाया जाएगा. इसमें रॉकेट फ़ायर किए जाएंगे.
फिर धीरे-धीरे उसकी ऑर्बिट को 100 किलोमीटर किया जाएगा. इसके बाद ऑर्बिट को 20 किलोमीटर किया जाएगा. इसके बाद लूनर लैंडर को यान से हटाकर चांद की सतह की ओर छोड़ा जाएगा.
लेकिन इसरो से पहले दुनिया की दूसरी अंतरिक्ष एजेंसियां भी इस मिशन को अंजाम दे चुकी हैं.